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देवस्थानम थिरवेल्लट्टू का त्योहार

thiravellaattu

भगवान विष्णुमाया के जन्मदिन को ' थिरवेल्लट्टू 'के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भक्तों के लिए उनकी इच्छाओं को पूरा करने के लिए सबसे अनुकूल होता है। अगले त्योहार के लिए शुभ दिन की भविष्यवाणी स्वयं भगवान करते हैं जो इस दिन नृत्य करते हैं। संस्थापक पुजारी की मूर्ति श्री वेलुमुथप्पन के साथ विष्णुमाया स्वामी की मूर्ति  को कुशीकल्पम से भी लाया जाता है। यह महोत्सव 9 दिनों तक चलता है। भगवान को प्रसन्न करने के लिए सात दिवसीय संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है। फर्श पर कलाम (भव्य रूप से सजाया गया चित्र) वेलुमुथप्पन का बनाया जाता है। भगवान विष्णुमाया की आज्ञा है कि वेलुमुथप्पन को पहले प्यार किया जाना चाहिए। अगले दिन से सभी 7 कलामों की व्यवस्था की जाती है। आखिरी दिन भगवान विष्णुमय के कलाम का होता है। यह कार्य अत्यंत सावधानी और समर्पण के साथ किया जाता है। इससे भक्तों की सारी इच्छाएँ पूरी  होती हैं  और भगवान के पूर्ण रूपकलम को देखने के बाद उनका उद्धार  होता है । यह अवसर वर्ष में केवल एक बार ही संभव है। तब भगवान अपने चरण रूपकलाम पर रखते हैं, जिसे सबसे पवित्र कृत्य माना जाता है। बाद में, इस रूपकलाम की थोड़ी सी भभूत भक्त अपने घरों में रख कर उसकी पूजा करते हैं ऐसा यहाँ का रिवाज है। ऐसा करने से समृद्धि आती है और सुनिश्चित तौर पर सभी बुराइयों से बचाव  होता  है।

कलामेझुथुपट्टू महोत्सव

kalamezhutthupaatt

मंडलाकलाम की अवधि के दौरान, जिसमें मलयालम महीना कर्किदकम और वरिकिकम (जुलाई) शामिल हैं, जिसमे केवल स्वस्तिक पूजा आयोजित की जाती हैं। इस पूजा से पहले, कलामेझुथुपट्टू कार्यक्रम मिधुन  और तुला (नवंबर) के महीने में भी आयोजित किए जाते हैं। मंदिर में आने और प्रसाद और पूजा करने के लिए ये शुभ दिन बहुत अच्छे हैं। कलश से भभूत एकत्र करना और घर में किसी पवित्र स्थान पर रखना और उसकी पूजा करना शुभ माना जाता है क्योंकि यह समृद्धि लाता है और बुरी आत्माओं को दूर भगाता है।

थोट्टम्पट्टू (भुवनेश्वरी देवी के भजनों का गायन )

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थिरवेल्लट्टू के पूरा होने के बाद, देवस्थानम भुवनेश्वरी देवी की माँ को प्रसन्न करने के लिए, थोट्टम्पट्टु उत्सव आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर कलामेझुथु (फर्श पर मूर्ति का चित्र चित्रित करना और उसकी सजावट करना ) और  मूर्ति को बाहर निकाल कर पारंपरिक वाद्ययंत्र और ड्रम  बजाते हुए   जुलूस  आयोजित किया जाता है।

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